🎸ठहरे हुये पानी में कंकर ना मार सांवरे। 🎼🎼
मन मैं हल चल सी मच जाएगी बन्वारी.🎼🎸........मेरे लिए है
तू अनजानी तेरे लिए हूँ में बेगाना ... अंजाने ने ...🥰बेगाने का दर्द केसे 😍पहेचना जो दुनिया ने न जाना है।।।।।।।।।, ठहरे हुए पानी में कंकड़ ना
मार सन्वरि ..🎸🎼... सब फूलों के है दीवाने..कांटों..से दिलों कौन लगाए ....वो है सजनी मैं कांटा।।। ...तू. अपना आंचल क्यो उल्जाहे ...।।।।।
...रब तुझको कांटों से बचाये... ठहरे हुए पानी में कंकड़ न मारें। सांवरे।।।।।।
