सरकारी राशन योजना क्या है? एक आदमी को कितना राशन मिलता है – 2025 में पूरी जानकारी आसान हिंदी में

                             

भारत में आज भी करोड़ों लोग ऐसे हैं जो रोज़ की ज़रूरत की चीज़ें जैसे चावल, गेहूं, चीनी, तेल आदि खरीदने में कठिनाई महसूस करते हैं। सरकार ने इसी जरूरत को समझते हुए एक बहुत ही जरूरी योजना शुरू की — जिसका नाम है सरकारी राशन योजना। इस योजना का मकसद है कि गरीब और ज़रूरतमंद लोगों को कम कीमत पर खाने-पीने का सामान दिया जाए ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।

इसे तकनीकी रूप में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) कहा जाता है। यह योजना पूरे भारत में चल रही है और इसमें करोड़ों लोग शामिल हैं।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) क्या है?

2013 में भारत सरकार ने एक कानून बनाया जिसे कहा गया – National Food Security Act (NFSA)। इसका मकसद था कि हर व्यक्ति को भरपेट भोजन मिले। इस कानून के अंतर्गत हर पात्र व्यक्ति को सस्ती दरों पर हर महीने 5 किलो तक अनाज मिलता है।

राशन कार्ड कितने प्रकार के होते हैं?

सरकारी राशन योजना के तहत लोगों को राशन देने के लिए राशन कार्ड बांटे जाते हैं। यह कार्ड एक तरह का पहचान पत्र होता है, जिससे यह साबित होता है कि आप सरकारी राशन लेने के योग्य हैं।

मुख्यत: तीन प्रकार के राशन कार्ड होते हैं:

  1. AAY (Antyodaya Anna Yojana): यह कार्ड सबसे गरीब और असहाय परिवारों को दिया जाता है।

  2. PHH (Priority Household): यह कार्ड उन लोगों को मिलता है जो गरीबी रेखा से नीचे हैं लेकिन AAY श्रेणी में नहीं आते।

  3. APL (Above Poverty Line): ये उन परिवारों के लिए था जो गरीबी रेखा से ऊपर हैं, लेकिन अब अधिकतर राज्यों ने इसे हटा दिया है।

राशन कैसे और कहां से मिलता है? (नया अपडेट)

                                 

भारत सरकार ने राशन वितरण की प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल बना दिया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कोई गड़बड़ी न हो। हर गांव और शहर में सरकारी राशन की दुकान होती है, जहां लोग अपना राशन लेने जाते हैं।

राशन लेने के लिए ज़रूरी है कि आपके पास राशन कार्ड और आधार कार्ड हो। दुकान पर आपकी पहचान फिंगरप्रिंट मशीन से की जाती है, और उसके बाद ही राशन दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को चलाने के लिए कुछ खास मशीनें होती हैं:

1. फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक मशीन (Fingerprint Device):
यह मशीन आपके अंगूठे या उंगली के निशान को स्कैन करती है। जैसे ही आप अंगूठा लगाते हैं, मशीन आपके आधार कार्ड से जुड़े डेटा से मिलान करती है। अगर पहचान सही पाई जाती है तो आपके नाम से राशन जारी हो सकता है।

इसका मकसद:
गलत व्यक्ति या फर्जी कार्ड पर राशन लेने से रोक लगाना। इससे सुनिश्चित होता है कि राशन सिर्फ सही और पात्र व्यक्ति को ही मिले।

2. POS मशीन (Point of Sale Device):
यह मशीन उस दुकान पर लगी होती है जहां राशन मिलता है। इसमें आपके फिंगरप्रिंट के बाद आपके नाम, कार्ड की श्रेणी और कितनी मात्रा में अनाज मिलना है, यह जानकारी अपने आप आ जाती है। दुकान चलाने वाला व्यक्ति इसी मशीन से रसीद भी निकालता है।

इसका फायदा:
 तुरंत जानकारी मिलती है कि किसे कितना राशन मिलना है
मशीन से निकली रसीद में पूरी जानकारी होती है
भ्रष्टाचार की संभावना कम होती है

3. डिजिटल वजन मापने वाली मशीन (Digital Weighing Scale):
जब आपकी पहचान हो जाती है और अनाज देने की अनुमति मिलती है, तब अनाज को डिजिटल तराजू से तौला जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जो भी वजन तय किया गया है, वही सही-सही दिया जाए।

इसका फायदा:
 वजन में हेराफेरी नहीं हो सकती अनाज सही मात्रा में मिलता है मशीन पर वजन डिस्प्ले होने से लाभार्थी भी देख सकता है

4. ऑनलाइन रिकॉर्डिंग सिस्टम:
जैसे ही आप राशन लेते हैं, आपकी सारी जानकारी (जैसे – कितना राशन लिया, कब लिया, किस दुकान से लिया) ऑनलाइन सर्वर पर सेव हो जाती है। इससे सरकार को यह ट्रैक करने में आसानी होती है कि किस जिले में कितना राशन दिया गया और कहां किसको लाभ मिला।

पूरा प्रक्रिया कैसे होती है – सरल क्रम में:

  1. लाभार्थी राशन दुकान पर राशन कार्ड और आधार कार्ड के साथ पहुंचता है।

  2. फिंगरप्रिंट मशीन में अंगूठा लगाता है – पहचान हो जाती है।

  3. POS मशीन में व्यक्ति की जानकारी दिखती है – तय मात्रा में राशन की अनुमति मिलती है।

  4. अनाज को डिजिटल तराजू से तौला जाता है।

  5. POS मशीन से रसीद निकलती है और राशन दिया जाता है।

  6. जानकारी ऑनलाइन सिस्टम में सेव हो जाती है।

इस नई डिजिटल व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा है कि अब कोई भी गड़बड़ी नहीं कर सकता। फर्जी कार्ड, डुप्लीकेट एंट्री, या ज़रूरतमंदों का हक छिनना अब लगभग नामुमकिन हो गया है।

यह प्रक्रिया अब भारत के लगभग सभी राज्यों में लागू हो चुकी है और सरकार लगातार इसे और बेहतर बना रही है।

एक आदमी को कितना राशन मिलता है?

अब बात करते हैं सबसे जरूरी सवाल की — एक आदमी को कितना राशन मिलता है?

  1. PHH कार्डधारी को:
    – हर व्यक्ति को 5 किलो अनाज हर महीने दिया जाता है।
    – इसमें 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिल सकता है।
    – कीमत:
    चावल – 3 रुपये प्रति किलो
    गेहूं – 2 रुपये प्रति किलो

  2. AAY कार्डधारी को:
    – पूरे परिवार को 35 किलो राशन हर महीने मिलता है, चाहे परिवार में कितने भी सदस्य हों।
    – इसमें चावल और गेहूं दोनों शामिल होते हैं।

राशन में क्या-क्या मिलता है?

राशन सामग्री राज्य सरकार की नीति पर निर्भर करती है, लेकिन आमतौर पर निम्नलिखित वस्तुएं दी जाती हैं:

  • चावल (3 रुपये प्रति किलो)

  • गेहूं (2 रुपये प्रति किलो)

  • चीनी (13 से 20 रुपये प्रति किलो – कुछ राज्यों में)

  • नमक (1 से 3 रुपये प्रति किलो)

  • तेल या दाल (कुछ राज्यों में मुफ्त या सब्सिडी पर)

कुछ राज्यों में जैसे तमिलनाडु, ओडिशा, छत्तीसगढ़ आदि में अतिरिक्त सामग्री भी दी जाती है जैसे सोयाबीन, सरसों तेल या चना।

राशन कब-कब मिलता है?

हर महीने की 1 तारीख से 15 तारीख तक राशन वितरण किया जाता है। कुछ राज्य SMS के ज़रिए भी बताते हैं कि कब राशन आया है।

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना क्या है?

2020 से भारत सरकार ने One Nation One Ration Card योजना शुरू की है। इस योजना के तहत आप भारत के किसी भी राज्य में जाकर राशन ले सकते हैं। इससे प्रवासी मज़दूरों को बहुत राहत मिली है।

उदाहरण: अगर कोई व्यक्ति बिहार का राशन कार्डधारी है और वह दिल्ली में काम कर रहा है तो वह दिल्ली में भी अपना राशन ले सकता है।

राशन कार्ड की जानकारी कैसे चेक करें?

आप अपने राशन कार्ड की स्थिति, कितनी बार राशन लिया, कौन सा डीलर है, सब ऑनलाइन देख सकते हैं।

सिर्फ इतना करना है:

  1. https://nfsa.gov.in पर जाएं

  2. “Ration Card Details on State Portals” पर क्लिक करें

  3. अपना राज्य चुनें

  4. राशन कार्ड नंबर या नाम से खोजें

राज्यवार वेबसाइट्स:

उत्तर प्रदेश – https://fcs.up.gov.in
बिहार –    http://epds.bihar.gov.in
मध्यप्रदेश – https://rationmitra.nic.in
राजस्थान – https://food.raj.nic.in
दिल्ली – https://nfs.delhi.gov.in

अगर राशन न मिले तो क्या करें?

  1. सबसे पहले अपने राशन डीलर से पूछें

  2. अगर समाधान न मिले तो राज्य की PDS वेबसाइट पर शिकायत करें

  3. आप https://pgportal.gov.in पर जाकर केंद्र सरकार से भी शिकायत कर सकते हैं

  4. राज्य टोल-फ्री नंबर (जैसे उत्तर प्रदेश के लिए 1800-1800-150) पर कॉल करें

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र. सरकारी राशन योजना किसके लिए है?
उ. यह योजना गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए है जिनकी मासिक आय बहुत कम है।

प्र. क्या मैं दूसरे राज्य से राशन ले सकता हूँ?
उ. हां, One Nation One Ration Card योजना के तहत आप किसी भी राज्य से राशन ले सकते हैं।

प्र. राशन कार्ड ऑनलाइन कैसे बनवाएं?
उ. अपने राज्य की राशन वेबसाइट पर जाएं और ऑनलाइन आवेदन करें या नजदीकी CSC सेंटर जाएं।

प्र. राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें?
उ. राज्य पोर्टल या निकटवर्ती CSC केंद्र में आवेदन देकर नया नाम जोड़ा जा सकता है।

निष्कर्ष:

सरकारी राशन योजना देश की एक सबसे बड़ी जनकल्याण योजना है। इसका लक्ष्य यह है कि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न रहे। अगर आपके पास राशन कार्ड है, तो आप हर महीने सरकारी दर पर सस्ता अनाज ले सकते हैं। इस योजना से लाखों लोग लाभ उठा रहे हैं। अगर अभी तक आपने राशन कार्ड नहीं बनवाया है, तो तुरंत अपने राज्य की वेबसाइट पर आवेदन करें 

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